जो भी गया हैं श्याम प्रभु के द्वार पाया उसने सावरिये का प्यार एक झलक जिसको मिल जाये महक उठे मन बगिया खिल जाए खाली झोली जो लाये भरता भंडार किस्मत वालो को मिलता हैं श्याम तेरा दरबार